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Podcast With Shril Madan | Business Opportunities | Insurance kya hota hai | Kyu Claims Reject hote hai

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हेलो फ्रेंड्स, मैं फिरोज मेहमन The Voice News में आप सभी का स्वागत करता हूं। हाजिर हैं हम एक बार फिर आपके सामने लेकर हमारा एक बहुत ही अनोखा शो Business & Beyond। इस Business & Beyond पॉडकास्ट में हम बात करते हैं नए बिजनेस को लेकर और ऐसे ही आज हम आपके सामने एक नया बिजनेस लेकर आए हैं – इंश्योरेंस।

इंश्योरेंस बहुत से लोगों को समझ में नहीं आता कि आखिर इंश्योरेंस होता क्या है, इसमें कैसे पैसे आते हैं, कैसे डालना है और अगर उसके ऊपर किसी को क्लेम आता है तो कैसे क्लेम करना है और इंश्योरेंस कितने प्रकार के होते हैं। ऐसे ही हमारे साथ आज हैं इंश्योरेंस एक्सपर्ट श्रील मदन जो हमें बताएंगे कि इंश्योरेंस क्या है, इंश्योरेंस कब लेना चाहिए और इसके क्या-क्या फायदे हैं।

तो श्रील मदन जी आपका बहुत-बहुत स्वागत है हमारे चैनल में और आप पहली बार हमारे चैनल पर आए हैं, आपका विशेष स्वागत है। तो थोड़ा सा हम आपसे जानना चाहेंगे इंश्योरेंस के बारे में और इसके अंदर बिजनेस अपॉर्चुनिटीज क्या हैं।

श्रील मदन बताते हैं कि इंश्योरेंस बहुत पुराना है और बीसी 2000 से पहले से ही मौजूद है। शुरुआती समय में लोग अपने माल का इंश्योरेंस करवाते थे ताकि आने-जाने में नुकसान न हो। बाद में 17वीं और 18वीं सदी में मॉडर्न इंश्योरेंस शुरू हुआ, जिसका पहला उदाहरण लंदन के Lloyd’s of London से मिला। 1812 में अमेरिका में पहली इंश्योरेंस कंपनी आई और वहां से यह बाकी देशों में फैला।

भारत में इंश्योरेंस 1818 में शुरू हुआ जब ओरिएंटल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी आई। इसके बाद 1918 में इंश्योरेंस एक्ट बना और 1938 में लाइफ इंश्योरेंस एक्ट आया। 1956 में सभी लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों को मिलाकर LIC of India बनाई गई। 1972 में जनरल इंश्योरेंस कंपनियों का राष्ट्रीयकरण हुआ। 1990 के बाद लिबरलाइजेशन आया और IRDA बनाई गई। 2000 में पहली प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनी HDFC Standard Life शुरू हुई।

आज 2025 में भारत में 24 लाइफ इंश्योरेंस कंपनियां, 34 जनरल इंश्योरेंस कंपनियां और 5 हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियां हैं। इंश्योरेंस मुख्य रूप से तीन प्रकार का होता है – लाइफ इंश्योरेंस, जनरल इंश्योरेंस और हेल्थ इंश्योरेंस। लाइफ इंश्योरेंस जीवन और रिटायरमेंट को कवर करता है। जनरल इंश्योरेंस में गाड़ी, घर, सामान, कंपनी और प्रोफेशनल रिस्क कवर होते हैं। हेल्थ इंश्योरेंस इलाज और मेडिकल खर्चों के लिए होता है।

हर चीज का इंश्योरेंस संभव है – मौत, एक्सीडेंट, डिसेबिलिटी, हाथ-पैर, आवाज और प्रोफेशन तक। लेकिन जानकारी की कमी के कारण लोग अंडर-इंश्योर्ड रहते हैं। लोगों को लगता है कि वे कभी बीमार नहीं पड़ेंगे या उनके पैसे बेकार जाएंगे, जबकि इंश्योरेंस का सिद्धांत “Sharing of Loss” पर आधारित है, जिसमें सभी लोग प्रीमियम भरते हैं और जरूरत पड़ने पर किसी एक को मदद मिलती है।

लाइफ इंश्योरेंस में दो तरह के क्लेम होते हैं – तीन साल के अंदर होने वाला अर्ली क्लेम और तीन साल के बाद होने वाला नॉन अर्ली क्लेम। अगर सही डिस्क्लोजर दिया गया हो तो क्लेम मिलने में कोई दिक्कत नहीं होती। गलत जानकारी देने या बीमारी छुपाने की वजह से ही क्लेम रिजेक्ट होते हैं।

मेडिक्लेम में भी कई बार गलतफहमी होती है। रूम कैटेगरी, नॉन-मेडिकल खर्च और खाने के खर्च की वजह से कुछ कटौती होती है, लेकिन आमतौर पर 95 से 97 प्रतिशत तक क्लेम मिल जाता है। आज हेल्थ इंश्योरेंस काफी कस्टमर-फ्रेंडली हो चुका है और हार्ट अटैक, एंजियोप्लास्टी, डिलीवरी, IVF और डेंटल ट्रीटमेंट तक कवर होने लगे हैं।

सही पॉलिसी लेने के लिए एक भरोसेमंद इंश्योरेंस कंसलटेंट का होना जरूरी है। ऑनलाइन खरीदारी में फ्रॉड की संभावना रहती है, जबकि कंसलटेंट आपको सही जानकारी देता है और क्लेम के समय भी मदद करता है।

इंश्योरेंस एक बड़ा करियर और बिजनेस अपॉर्चुनिटी है। भारत में लाइफ इंश्योरेंस सिर्फ 40 प्रतिशत और हेल्थ इंश्योरेंस करीब 10 से 12 प्रतिशत लोगों तक ही पहुंच पाया है, जबकि विकसित देशों में यह 90 प्रतिशत से ज्यादा है। इसका मतलब भारत में इंश्योरेंस सेक्टर में अभी बहुत बड़ा स्कोप है।

हर घर में लाइफ इंश्योरेंस, हेल्थ इंश्योरेंस और पर्सनल एक्सीडेंट कवर होना चाहिए क्योंकि जिंदगी कब और कैसे बदल जाए, कोई नहीं जानता।

तो दोस्तों, अगर आपको इंश्योरेंस या फाइनेंशियल सेक्टर में इंटरेस्ट है तो आप जरूर कंसल्ट करें। इनकी सारी डिटेल्स स्क्रीन पर दी गई हैं। अगर आपके पास भी कोई बिजनेस आइडिया या बिजनेस अपॉर्चुनिटी है तो उसे Business & Beyond में हमारे साथ शेयर करें।

वीडियो आपको कैसा लगा, कमेंट में जरूर बताइए। इंश्योरेंस से जुड़ी कोई भी क्वेरी हो तो कमेंट में पूछिए, उसका जवाब दिया जाएगा।

श्रील मदन जी, आपसे मिलकर बहुत अच्छा लगा और आपने जो नॉलेज हमारे व्यूअर्स के साथ शेयर की उसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।

फिरोज भाई, हमें मौका देने के लिए आपका भी बहुत-बहुत धन्यवाद।

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