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Dhaaba Business Module || Nawab Dhaba कैसे बना भिवंडी का सबसे Popular ढाबा
इस एपिसोड में होस्ट फिरोज मेहमान ने भिवंडी के मशहूर नवाब ढाबा के फाउंडर एहतेशाम भाई से बातचीत की। बातचीत का मकसद था एक ढाबे के बिजनेस मॉडल को समझना—शुरुआत से लेकर सफलता तक।
एहतेशाम भाई ने बताया कि वे साल 2016 में सऊदी अरब से भारत लौटे थे। शुरुआत में उनका सपना कंस्ट्रक्शन बिजनेस करने का था, लेकिन मार्केट सर्वे और अनुभव के बाद उन्होंने महसूस किया कि भिवंडी में टेक्सटाइल और ढाबा बिजनेस सबसे ज्यादा संभावनाओं वाला है। बिना किसी फैमिली बैकग्राउंड या पहले के अनुभव के, सिर्फ आत्मविश्वास और मेहनत के दम पर उन्होंने ढाबा बिजनेस शुरू करने का फैसला लिया।
उन्होंने ढाबा शुरू करते समय आने वाली चुनौतियों, जैसे:
- सही लोकेशन चुनना (हाईवे और कश्मीरा एरिया का सर्वे)
- जमीन और एग्रीमेंट से जुड़ी दिक्कतें
- बिना इंजीनियर के स्टेप-बाय-स्टेप कंस्ट्रक्शन
- किचन प्लानिंग, ओपन ढाबा कॉन्सेप्ट, गार्डन, फाउंटेन और दास्तरखान जैसी यूनिक थीम
इन सभी पर विस्तार से बात की।
ऑपरेशन और मैनेजमेंट पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि:
- सही स्टाफ चुनना और उनकी ताकत पहचानना बेहद जरूरी है
- किचन मैनेजमेंट सबसे बड़ा चैलेंज होता है
- पार्टनरशिप में डिसीजन मेकिंग एक हाथ में होनी चाहिए
- कस्टमर एक्सपीरियंस और संतुष्टि बिजनेस की असली चाबी है
नए बिजनेस शुरू करने वालों के लिए उन्होंने तीन अहम बातें बताईं:
- सही और पर्याप्त इन्वेस्टमेंट
- कस्टमर पर पूरा फोकस
- एक बार डिसीजन लेने के बाद पूरी ईमानदारी और मेहनत से उसे लागू करना
एहतेशाम भाई का मानना है कि कोई भी बिजनेस छोटा नहीं होता, अगर उसे सही सोच, क्वालिटी, सफाई, सजावट और मेहनत के साथ चलाया जाए तो सफलता जरूर मिलती है।
इस एपिसोड से नए और मौजूदा बिजनेस ओनर्स को ढाबा बिजनेस और कस्टमर-फोकस्ड अप्रोच की गहरी सीख मिलती है।