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आचार-संहिता से पहेले MLA Rais Shaikh ki Press Conference | Bhiwandi Election aur Demolition par bole
समाजवादी पार्टी के विधायक रईस शेख ने आचार संहिता लागू होने से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भिवंडी में चल रहे विकास कार्यों, आगामी चुनाव और डिमोलिशन से जुड़े मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि स्टेट इलेक्शन कमीशन की संभावित घोषणा के चलते लगभग ₹20.27 करोड़ के विकास कार्यों के उद्घाटन को औपचारिक रूप से अनाउंस किया जा रहा है।
रईस शेख ने कहा कि अलग-अलग स्रोतों—जैसे DPDC, PWD, MMRDA और राज्य बजट—से फंड लाकर सड़कों, ड्रेनेज, पाइपलाइन, स्कूलों, हेल्थ सुविधाओं और कंटेनर डिस्पेंसरी जैसे कई प्रोजेक्ट पूरे किए गए हैं और आगे भी काम जारी रहेगा। 100 फीट रोड को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों को खारिज करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल मौजूदा सड़क का सुधार होगा, किसी भी घर या संरचना को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में हैवी व्हीकल्स, प्रदूषण, साइजिंग यूनिट्स, मेट्रो लाइन-5, और डिमोलिशन व मुआवज़े जैसे मुद्दों पर भी सवाल-जवाब हुए। विधायक ने भरोसा दिलाया कि प्रभावित लोगों को उचित मुआवज़ा, पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था दी जाएगी तथा भिवंडी में विकास की रफ्तार आगे भी जारी रहेगी।
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BJP Uttari Bharti Maidan mei | Bhiwandi Election mei nazar aayega naya Josh
भिवंडी में भाजपा उत्तर भारतीय मोर्चा की कार्यकारिणी की घोषणा की गई, जिसमें 150 से अधिक पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। नेताओं ने दावा किया कि इस संगठनात्मक मजबूती से आने वाले नगर निगम चुनाव में भाजपा को बड़ा फायदा होगा और पार्टी का ही महापौर बनेगा। कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने प्रभागों में भाजपा उम्मीदवारों के लिए पूरी मेहनत से काम करने का संकल्प लिया।
नेतृत्व ने साफ किया कि टिकट वितरण धर्म या क्षेत्र के आधार पर नहीं, बल्कि पिछले 5 साल के काम, ग्राउंड लेवल पर सक्रियता और सर्वे रिपोर्ट के आधार पर होगा। केवल चुनाव के समय सक्रिय होने वालों को टिकट नहीं दिया जाएगा। उत्तर भारतीय समाज की भूमिका को अहम बताते हुए कहा गया कि भिवंडी की राजनीति में उनका योगदान निर्णायक रहा है और आगे भी रहेगा।
इस दौरान यह भी कहा गया कि जो सक्षम और जीतने की क्षमता रखने वाले नेता दूसरी पार्टियों से आकर भाजपा को मजबूत करते हैं, उनका स्वागत किया जाएगा, लेकिन पुराने और मेहनती कार्यकर्ताओं की अनदेखी नहीं होगी। आने वाले चुनावों के लिए उत्तर भारतीय मोर्चा को बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी, जिसे पूरी निष्ठा और 100% परिणाम के साथ निभाने का भरोसा दिलाया गया।
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Bhiwandi Election – वार्ड नंबर 8 में कॉंग्रेस की धूम || मीटिंग में हजारों की संख्या
भिवंडी महानगरपालिका चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज़ हो चुकी हैं। तारीखों के ऐलान के साथ ही सभी प्रमुख दल अपने-अपने पैनल और उम्मीदवारों को लेकर रणनीति बनाने में जुट गए हैं। इसी कड़ी में वार्ड नंबर 8 में कांग्रेस पार्टी की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया।
यह बैठक आदिल मैरिज हॉल में आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने शिरकत की। बैठक का आयोजन सलीम चौधरी की ओर से किया गया, जिन्होंने वार्ड नंबर 8 से चुनाव लड़ने की अपनी दावेदारी पेश की। उनके साथ तीन अन्य संभावित उम्मीदवार भी मौजूद रहे, जिससे एक संभावित पैनल की झलक देखने को मिली।
🗳️ पैनल पर अभी फैसला नहीं, प्रक्रिया जारी
बैठक के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि फिलहाल पैनल का अंतिम चयन नहीं हुआ है। कांग्रेस पार्टी की ओर से सभी औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं और पार्टी नेतृत्व के फैसले के बाद ही अंतिम घोषणा की जाएगी।
नेताओं ने दोहराया कि पार्टी का जो भी निर्णय होगा, उसे सभी स्वीकार करेंगे।
🏛️ कांग्रेस पूरी ताकत से उतरेगी चुनाव मैदान में
द वॉइस न्यूज़ से बातचीत करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी इस चुनाव में पूरी मजबूती के साथ उतरेगी। बैठक में उमड़ी भीड़ और कार्यकर्ताओं का जोश इस बात का संकेत है कि पार्टी के प्रति लोगों में उत्साह बना हुआ है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी राहुल गांधी की अगुवाई में फिरकापरस्ती के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है और जनता का समर्थन लगातार मिल रहा है। उन्होंने हाल ही में हुए नेशनल हेराल्ड मामले का जिक्र करते हुए कहा कि ईडी द्वारा सोनिया गांधी और राहुल गांधी से लंबी पूछताछ के बावजूद कोर्ट के फैसले में उन्हें क्लीन चिट मिली, जिससे यह साफ होता है कि आरोप निराधार थे।
👥 नई पीढ़ी के नेतृत्व पर जोर
बैठक में यह भी कहा गया कि कांग्रेस पार्टी में दूसरी पीढ़ी के नेतृत्व को आगे लाने की सख्त जरूरत है। युवा नेताओं और कार्यकर्ताओं में जोश देखने को मिल रहा है, जो पार्टी के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत है।
❗ टिकट को लेकर स्पष्ट संदेश
नेताओं ने साफ कहा कि कांग्रेस पार्टी में टिकट किसी का भी पक्का नहीं होता, जब तक पार्टी की ओर से आधिकारिक घोषणा न हो जाए। अंतिम निर्णय पूरी प्रक्रिया और पार्टी नेतृत्व के विचार-विमर्श के बाद ही लिया जाएगा।
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भिवंडी में जातिवाद नहीं चलता | दलित और पिछड़े लोगों का लीडर् | Mahendra Gaikwad
भिवंडी शहर की राजनीति, दलित समाज के मुद्दे, विकास की रुकावटें और महानगरपालिका की कार्यप्रणाली पर आरपीआई नेता व वरिष्ठ समाजसेवी महेंद्र गायकवाड़ ने द वॉइस न्यूज़ के साथ एक लंबे और बेबाक इंटरव्यू में खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर से लेकर आज के सिस्टम की खामियों तक हर मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की।
🗳️ 26 साल की उम्र में राजनीति की शुरुआत, ₹18,000 में चुनाव जीतने की कहानी
महेंद्र गायकवाड़ ने बताया कि उन्होंने वर्ष 1996 में मात्र 26 वर्ष की उम्र में पहला चुनाव लड़ा। उस समय जहां अन्य उम्मीदवारों ने 30–40 लाख रुपये खर्च किए, वहीं उन्होंने केवल ₹18,000 खर्च कर चुनाव जीता। उन्होंने कहा कि यह जीत पैसे से नहीं, बल्कि समाज के भरोसे से मिली थी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज का साथ हो तो नेता टिकता है, वरना सिर्फ पद से कुछ नहीं होता।
✊ दलित पैंथर से राजनीतिक यात्रा की शुरुआत
उन्होंने बताया कि उनका राजनीतिक सफर भारतीय दलित पैंथर संगठन से शुरू हुआ। रामदास आठवले, प्रकाश आंबेडकर जैसे नेताओं के साथ मिलकर दलित समाज को एकजुट करने का प्रयास किया गया।
दलित बस्तियों में बिजली, पानी, सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए उन्होंने ज़मीनी स्तर पर संघर्ष किया।
🏗️ वार्ड विकास बनाम पूरे शहर की राजनीति
महेंद्र गायकवाड़ ने कहा कि अगर किसी नेता को वार्ड मिलता है तो उसे ऐसा काम करना चाहिए कि वह रोल मॉडल बने।
उन्होंने अपने वार्ड में:
- मैदान का विकास
- सड़क निर्माण (बिना कमीशन)
- पानी की पाइपलाइन
- सार्वजनिक शौचालय
जैसे कार्यों का उल्लेख किया।
उनका कहना था कि कमीशन लेने से सड़कें बार-बार टूटती हैं, इसलिए उन्होंने क्वालिटी पर जोर दिया।
🏙️ भिवंडी के बिगड़ते हालात के लिए कौन जिम्मेदार?
उन्होंने साफ कहा कि भिवंडी की बदहाली के लिए सिर्फ सरकार नहीं, बल्कि शहर के लोग भी जिम्मेदार हैं।
कचरा सड़क पर फेंकना, सार्वजनिक जगहों को अपनी जिम्मेदारी न समझना और हर काम के लिए सिर्फ नगरपालिका को दोष देना—ये सभी आदतें शहर के विकास में बाधा हैं।
🏛️ महानगरपालिका और अधिकारियों पर गंभीर आरोप
महेंद्र गायकवाड़ ने भिवंडी महानगरपालिका पर गंभीर सवाल उठाए:
- अधिकारी वर्षों से एक ही कुर्सी पर जमे हुए हैं
- ठेकेदार और अफसरों की मिलीभगत
- अवैध निर्माण पर जानबूझकर कार्रवाई नहीं
- विकास कार्य केवल कागज़ों तक सीमित
उन्होंने मांग की कि जैसे पुलिस की बदली होती है, वैसे ही महानगरपालिका अधिकारियों का ट्रांसफर भी होना चाहिए।
🌊 वराल देवी तालाब की बदहाली पर चिंता
उन्होंने वराल देवी तालाब की दुर्दशा पर गहरी चिंता जताई।
कभी पीने योग्य पानी वाला यह तालाब आज:
- सीवेज से दूषित
- बिना सुरक्षा के
- आत्महत्या और अपराध का संभावित स्थान
बन चुका है।
उन्होंने तालाब के सौंदर्यीकरण, कंपाउंड व सुरक्षा की मांग की।
🏘️ तोड़क कार्रवाई पर संतुलित राय
हालिया तोड़क कार्रवाई पर उन्होंने कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन 20–30 साल से बसे गरीब लोगों को बिना पुनर्वास के बेघर करना गलत है।
पहले वैकल्पिक व्यवस्था, फिर कार्रवाई—यही सही तरीका होना चाहिए।
🗂️ आने वाले चुनाव और विज़न
अगर आगामी महानगरपालिका चुनाव में उनकी पार्टी को मौका मिलता है, तो उनका फोकस होगा:
- शिक्षा और स्वास्थ्य
- सामुदायिक हॉल
- सार्वजनिक सुविधाओं की बहाली
- दलित और वंचित बस्तियों का समग्र विकास
उन्होंने स्पष्ट किया कि वे खोखले वादे नहीं, बल्कि वही काम बताएंगे जो करके दिखा सकते हैं।
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